उत्तराखंड

छात्रों ने बताया अपने सपनों का उत्तराखंड, धामी ने दिया विकास का भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2047 का भारत और उत्तराखंड युवाओं के सपनों, संकल्प और मेहनत से बनेगा। युवाओं की सोच और सुझाव देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने युवाओं से लक्ष्य तय कर आगे बढ़ने, नशे से दूर रहने और नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का आह्वान किया।

रविवार को टिहरी के चौरास परिसर स्थित स्वामी मन्मथन प्रेक्षागृह में मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के छात्र-छात्राओं से संवाद कर ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ विषय पर उनके विचार और सुझाव सुने। उन्होंने बताया कि अभियान में प्रदेश के 2,67,744 छात्रों ने निबंध और विचार भेजे हैं।

शिक्षा और रोजगार के लिए पलायन हमेशा गलत नहीं

पलायन से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में स्थायी और अस्थायी, दोनों तरह का पलायन होता है। शिक्षा और रोजगार के लिए घर से बाहर जाना हमेशा गलत नहीं है। बाहर जाकर पढ़ाई और अनुभव हासिल करने से युवाओं को नई जानकारी मिलती है। उन्होंने पहाड़ों में माताओं और बहनों के सामने आने वाली कठिनाइयों का भी जिक्र किया।

छात्रा सृष्टि ने सरकारी स्कूलों और अस्पतालों पर लोगों का भरोसा बढ़ाने से जुड़े सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए युवाओं को सजग रहना होगा। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि साधारण परिवारों से निकलकर भी सर्वोच्च पदों तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने प्रदेश में 500 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित होने और रिवर्स माइग्रेशन की स्थिति का भी उल्लेख किया।

गांवों तक हेलीकॉप्टर एंबुलेंस और कौशल प्रशिक्षण का सुझाव

छात्र मुकेश कुशवाहा ने छोटे गांवों तक हेलीकॉप्टर एंबुलेंस जैसी सुविधा पहुंचाने और स्कूल स्तर पर कौशल विकास प्रशिक्षण शुरू करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने इसे अच्छा सुझाव बताते हुए कहा कि सरकार युवाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता का बेहतर प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।

नकल माफिया के खिलाफ सख्त कानून

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा योजना जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। युवाओं की प्रतिभा को रोकने वाले नकल माफिया के खिलाफ सरकार ने सख्त कानून बनाए हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील भी की।

अंशुल बिष्ट और डीएम रुद्रप्रयाग सम्मानित

कार्यक्रम में बेहतर सहभागिता के लिए नोडल अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) अंशुल बिष्ट को सम्मानित किया गया। रुद्रप्रयाग में निबंध लेखन में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत भागीदारी के लिए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को भी सम्मानित किया गया। छात्रा अदिति गौतम ने मुख्यमंत्री को अपनी बनाई चित्रकृति भेंट की।

रुद्रप्रयाग की कक्षा 11 की छात्रा सीमा सेमवाल ने पलायन पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने निबंध दो-तीन दिन में लिखा और पलायन का विषय इसलिए चुना, क्योंकि इसे खुद महसूस किया है। देवप्रयाग की श्रेया ने ‘पहाड़ रहें, अपने रहें, मेरे सपने रहें’ विषय पर विचार रखे।

कार्यक्रम का संचालन नेहा अग्रवाल और डॉ. राहुल अग्रवाल ने किया। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी टिहरी नितिका खंडेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, सीडीओ वरुणा अग्रवाल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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