देहरादून। डीआईटी यूनिवर्सिटी की एनएसएस परिषद ने ‘कलाकृति 2026’ के आयोजन के साथ एनएसएस स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की स्थापना के 57 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया। वर्ष 1969 में शुरू हुए इस कार्यक्रम की वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में संस्कृति, प्रतिभा, संवाद और सामाजिक सेवा की भावना का शानदार संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड की राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. सुनैना रावत ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने मनमोहक गणेश वंदना प्रस्तुत की। डीआईटी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण डीआईटी लोकगीत ने समारोह में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक भावना को जीवंत कर दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद विद्यार्थियों के लिए एक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया। डीआईटी यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर एवं एनएसएस समन्वयक प्रो. नवीन सिंघल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एनएसएस परिषद के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को अकादमिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया और कहा कि ऐसे प्रयास विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. सुनैना रावत ने राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), इसके उद्देश्यों तथा जिम्मेदार एवं सामाजिक रूप से जागरूक युवाओं के निर्माण में इसकी भूमिका पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों से सामुदायिक सेवा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सौरभ मिश्रा ने वर्ष 2025-26 की एनएसएस वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा वर्षभर किए गए विभिन्न सामुदायिक सहभागिता एवं सेवा कार्यों का विवरण दिया गया। वहीं, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जबरिंदर सिंह ने वार्षिक शिविर के दौरान डीआईटी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों द्वारा स्कूली बच्चों के साथ की गई विभिन्न गतिविधियों और अनुभवों को साझा किया।
समारोह में पहाड़ी नृत्य, टैलेंट हंट तथा ऊर्जावान बॉलीवुड डांस जैसी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का रंग भर दिया। कार्यक्रम के अंत में एनएसएस परिषद से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं और इसके साथ ही समारोह का औपचारिक समापन हुआ।
एनएसएस के प्रेरणादायी आदर्श वाक्य “Not Me, But You” (मैं नहीं, आप) के अनुरूप राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को कक्षा की सीमाओं से आगे बढ़कर समाज और समुदाय से जुड़ने तथा एक बेहतर समाज के निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करती है।
‘कलाकृति 2026’ के माध्यम से डीआईटी यूनिवर्सिटी की एनएसएस परिषद ने एनएसएस स्थापना दिवस के अवसर पर संस्कृति, रचनात्मकता, प्रतिभा, संवाद और सेवा भावना को एक मंच पर प्रस्तुत किया। यह आयोजन एनएसएस के मूल्यों को प्रतिबिंबित करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को सीखने, भाग लेने और सामुदायिक सेवा के प्रति प्रेरित होने का एक सार्थक अवसर प्रदान करने में सफल रहा।



