राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु एक नवंबर को दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचेंगी। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका प्रदेश का सातवां दौरा होगा। पिछले कुछ वर्षों में उनके लगातार आगमन से उत्तराखंड के साथ राष्ट्रपति का जुड़ाव और मजबूत हुआ है। उनके दौरों में शैक्षणिक कार्यक्रमों से लेकर ऐतिहासिक स्थलों और जनसुविधाओं से जुड़ी पहल तक शामिल रही हैं।
राष्ट्रपति मुर्मु ने दिसंबर 2022 में देहरादून में नागरिक अभिनंदन समारोह और दून विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया था। इस दौरान उन्होंने मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के कार्यक्रम में भी शिरकत की। अप्रैल 2024 में ऋषिकेश और देहरादून में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद जून 2025 में उनका दौरा प्रदेश के लिए खास रहा। नवंबर 2025 में भी उन्होंने उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। जून 2026 में वह फिर देहरादून पहुंचीं।
राष्ट्रपति निकेतन और तपोवन आमजन के लिए खुले
राष्ट्रपति मुर्मु के उत्तराखंड दौरे से जुड़ी महत्वपूर्ण पहलों में राष्ट्रपति निकेतन और राष्ट्रपति तपोवन को आम लोगों के लिए खोलना शामिल है। 20 जून 2025 को उन्होंने राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति निकेतन और राष्ट्रपति तपोवन को आमजन के लिए खोलने की पहल की थी। इसी दौरान राष्ट्रपति उद्यान की आधारशिला भी रखी गई।
राष्ट्रपति निकेतन का परिसर ऐतिहासिक महत्व रखता है। यहां पहले राष्ट्रपति के अंगरक्षकों के घोड़ों के प्रशिक्षण और ठहरने की व्यवस्था से जुड़ी गतिविधियां होती थीं। अब इस परिसर को आम लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
132 एकड़ में विकसित हो रहा राष्ट्रपति उद्यान
राष्ट्रपति निकेतन परिसर में लगभग 132 एकड़ क्षेत्र में राष्ट्रपति उद्यान विकसित किया जा रहा है। इसकी योजना में हरित क्षेत्र, प्रकृति पथ, झील, तितली घर, पक्षीशाला, पैदल और साइकिल मार्ग के साथ बच्चों के खेलने के स्थान जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इस पहल से परिसर को पर्यटन और प्रकृति से जुड़ी गतिविधियों के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति के लगातार दौरों और ऐतिहासिक परिसरों को आमजन के लिए उपलब्ध कराने की पहल से उत्तराखंड की पहचान को नया आयाम मिला है। एक नवंबर से प्रस्तावित दो दिवसीय दौरे पर भी प्रदेश की निगाहें रहेंगी।
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