विधानसभा चुनाव से पहले धामी सरकार ने विकास योजनाओं को गति देने के लिए बजट का खजाना खोल दिया है। मंगलवार को भराड़ीसैंण विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7844.18 करोड़ रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया गया। इसमें अवस्थापना विकास, पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। सरकार ने पूंजीगत मद में 4164.32 करोड़ और राजस्व मद में 3679.86 करोड़ रुपये रखे हैं।
अनुपूरक बजट के बाद चालू वित्तीय वर्ष में राज्य के बजट का कुल आकार बढ़कर 1,19,547.39 करोड़ रुपये हो गया है। इससे पहले मार्च में गैरसैंण में आयोजित बजट सत्र में 1,11,703.21 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट स्वीकृत किया गया था। सरकार ने विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ स्थानीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों को भी अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए राज्य के कर राजस्व में शहरी निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों की हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दी गई है। इससे चालू वित्तीय वर्ष में स्थानीय निकायों और पंचायतों को 721 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलने का अनुमान है। इस फैसले से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पेयजल और सड़क परियोजनाओं पर बड़ा जोर
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये रखे गए हैं। केंद्र सरकार की विशेष सहायता योजना के अंतर्गत अवस्थापना विकास के लिए 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
ग्रामीण सड़कों के रखरखाव के लिए लोक निर्माण विभाग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 31 करोड़ और ग्राम्य विकास विभाग को 30 करोड़ रुपये दिए गए हैं। जोशीमठ समेत अन्य क्षेत्रों में भू-धंसाव से संबंधित कार्यों के लिए 48 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन मदों के माध्यम से निर्माण कार्यों, सड़क अनुरक्षण और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।
हरिद्वार में कुंभ की तैयारियों के लिए 290 करोड़
धार्मिक पर्यटन और अवस्थापना विकास से जुड़ी परियोजनाओं को भी बजट में जगह मिली है। हरिद्वार में दिव्य कुंभ मेले की व्यवस्थाओं और संबंधित अवस्थापना कार्यों के लिए 290 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं, हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं के माध्यम से धार्मिक आयोजनों के लिए जरूरी सुविधाओं के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।
गोल्डन कार्ड के लिए 125 करोड़, आयुष्मान योजना को 100 करोड़
स्वास्थ्य क्षेत्र में अटल आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए गोल्डन कार्ड योजना के तहत 125 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके अलावा पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों तथा नर्सिंग कॉलेजों के लिए 160 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।
कल्याणकारी पेंशन योजनाओं के लिए 93 करोड़ रुपये रखे गए हैं। किसान पेंशन योजना को नौ करोड़ और मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना को दो करोड़ रुपये देने का प्रावधान किया गया है। इन आवंटनों से संबंधित योजनाओं के तहत वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
शिक्षा, खेल और युवाओं के लिए भी धन
विद्यालयी और उच्च शिक्षा में डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। खेल विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 35 करोड़ और चंपावत महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए 10 करोड़ रुपये रखे गए हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार देने के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
ऋषिकेश स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य संस्थान की स्थापना के लिए दो करोड़ रुपये रखे गए हैं। इस संस्थान में ज्योतिष, आयुर्वेद, योग, ध्यान और अध्यात्म जैसी विधाओं के अध्ययन को बढ़ावा देने की योजना है।
किसानों और उद्योगों पर भी नजर
अन्नपूर्ति योजना के तहत किसानों से धान और गेहूं की खरीद के लिए 1100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 28 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इससे मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहन देने में मदद मिलेगी।
मेगा इंडस्ट्रियल नीति के तहत अनुदान योजना के लिए 12 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, नंदा देवी राजजात यात्रा के संचालन के लिए 20 करोड़ रुपये रखे गए हैं। सरकार ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नवीन स्टेट डेटा सेंटर के निर्माण के लिए भी 40 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं।
विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर रहेगी नजर
7844.18 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट में सरकार ने बुनियादी ढांचे से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और सामाजिक सुरक्षा तक विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों को शामिल किया है। बजट प्रावधानों का वास्तविक लाभ संबंधित योजनाओं में धनराशि के समयबद्ध उपयोग और कार्यों की प्रगति पर निर्भर करेगा। अब विधानसभा में बजट पर चर्चा और उसे पारित किए जाने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।




