स्मार्ट सिटी के तहत संचालित इलेक्ट्रिक बस सेवा में चालक-कर्मचारियों की समस्याओं और कथित श्रम शोषण के विरोध में उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। उक्रांद कार्यकर्ताओं और इलेक्ट्रिक बस चालकों-कर्मचारियों ने Evey Trans और Emphatic Mobility Services LLP के कार्यालयों का घेराव कर धरना दिया और दोनों कार्यालयों पर तालाबंदी की।
उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री राजेंद्र बिष्ट ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की समस्याओं की जांच के लिए जिलाधिकारी की ओर से अधिकारियों को जिम्मेदारी दिए जाने के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने इसे प्रशासन की गंभीर उदासीनता बताया। बिष्ट ने आरोप लगाया कि सरकार और कंपनियों की कथित मिलीभगत से स्मार्ट सिटी परियोजना संचालित हो रही है, जबकि कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इलेक्ट्रिक बस सेवा में घाटे की जांच की मांग
उक्रांद महानगर अध्यक्ष प्रबीन चंद रमोला ने दावा किया कि कैग रिपोर्ट में वर्ष 2021 से 2024 के बीच इलेक्ट्रिक बस सेवा से करीब 13 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि लगातार घाटे के बावजूद सेवा जारी रखने के औचित्य और निजी कंपनियों को दिए जा रहे कार्यों की निष्पक्ष तकनीकी एवं वित्तीय जांच होनी चाहिए।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। उक्रांद ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो संगठन अगले चरण में स्मार्ट सिटी कार्यालय का घेराव कर व्यापक आंदोलन करेगा।
प्रदर्शन में राजेश्वरी रावत, रमा चौहान, बहादुर सिंह रावत, मीनाक्षी घिल्डियाल, गिरीश कोठारी, यशपाल नेगी, आशीष, आनंद कोठारी, संदीप रावत, मनोज भट्ट, निशिथ मनराल और दीप्ति दुधपुड़ी समेत बड़ी संख्या में उक्रांद कार्यकर्ता और इलेक्ट्रिक बस चालक-कर्मचारी शामिल रहे।
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