उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। रेखा आर्या ने आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ टेक होम राशन (टीएचआर) और एफआरएस के जरिए बच्चों की गणना से जुड़े मामलों को केंद्रीय मंत्री के सामने रखा।
पर्याप्त सुविधाओं वाले केंद्र बनेंगे सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र
रेखा आर्या ने प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार के कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने अन्य जिलों में पर्याप्त भवन और स्थान वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को भी सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने की अनुमति और आवश्यक सहयोग देने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक स्तर पर विचार करने का आश्वासन दिया।
टीएचआर की समस्या जल्द दूर करने का अनुरोध
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के टेक होम राशन (टीएचआर) से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। रेखा आर्या ने बताया कि विभिन्न कारणों से भारत सरकार से टीएचआर की प्राप्ति में कठिनाइयां आ रही हैं, जिससे वित्तीय समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इसका शीघ्र समाधान कराने का अनुरोध किया।
एफआरएस से छूटे 60 फीसदी बच्चों का मुद्दा
रेखा आर्या ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के माध्यम से बच्चों की गणना में अपेक्षित प्रगति नहीं होने का विषय भी उठाया। उन्होंने बताया कि करीब 60 प्रतिशत बच्चे अभी गणना से छूटे हुए हैं। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यक सहयोग और व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
रेखा आर्या ने कहा कि राज्य सरकार आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने, बच्चों को बेहतर पोषण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने और आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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