दिल्ली दौरे पर गए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने यात्रा से जुड़े जिलों के जिलाधिकारियों से यात्रा मार्गों, यातायात, स्वास्थ्य, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
यमुनोत्री में बनेगा दूसरा घोड़ा पड़ाव
मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री धाम में बढ़ती भीड़ और आवागमन को देखते हुए धाम से करीब 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने के निर्देश दिए। डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने और खरसाली से वैकल्पिक मार्ग के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। पैदल मार्ग पर यात्रियों और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही नियंत्रित रखने के साथ सूर्यकुंड क्षेत्र में प्रभावी भीड़ प्रबंधन के निर्देश दिए गए। घोड़े-खच्चरों के संचालन में निर्धारित मानकों का पालन कराने और पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने को भी कहा।
केदारनाथ मार्ग के संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी
केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा और भैरव ग्लेशियर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों, घोड़े-खच्चरों और डंडी-कंडी की आवाजाही को नियंत्रित रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
सड़कों और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों पर नजर
मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने और गंगोत्री मार्ग के चौड़ीकरण व गड्ढामुक्त कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी और स्यानाचट्टी में विशेष सतर्कता बरतने को कहा। ज्योतिर्मठ-मारवाड़ी मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावी रखने के साथ मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल करने के लिए पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर
चारों धामों में मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए अलाव समेत आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता रखने के निर्देश दिए गए। यात्रा मार्गों पर पेयजल, विद्युत, प्रकाश, शौचालय, स्वच्छता और शटल सेवाओं को दुरुस्त रखने तथा शौचालयों की नियमित सफाई और औचक निरीक्षण करने को कहा गया।
मोबाइल नेटवर्क और हेली सेवा पर भी नजर
मोबाइल नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में आपातकालीन संचार व्यवस्था मजबूत करने के लिए संबंधित विभागों और दूरसंचार कंपनियों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने को भी कहा गया।
हेली सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि टिकट निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध कराए जाएं। निर्धारित दर से अधिक वसूली या अनधिकृत टिकट बिक्री की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हेली सेवाओं का संचालन करने को कहा गया।
66 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
बैठक में बताया गया कि चारधाम यात्रा-2026 के लिए अब तक 66,07,749 यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है। 14 सितंबर की शाम सात बजे तक 50,56,160 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें यमुनोत्री में 7,08,407, गंगोत्री में 7,89,773, केदारनाथ में 14,98,544, बदरीनाथ में 17,36,619 और हेमकुंड साहिब में 3,22,817 श्रद्धालु शामिल हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने मौसम और भूस्खलन की स्थिति की लगातार निगरानी, संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव की व्यवस्था रखने को भी कहा।




