उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) के कार्यकाल के मंगलवार को पांच वर्ष पूरे हो गए। उन्होंने 15 सितंबर 2021 को राज्यपाल पद की शपथ ली थी। पांच वर्षों के दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा, रिवर्स पलायन, महिला सशक्तीकरण, बालिका शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), जैविक कृषि और वेलनेस जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए कई पहल शुरू कीं।
उच्च शिक्षा में शोध और नवाचार पर जोर
राज्यपाल की पहल पर उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और शोध को बढ़ावा देने के लिए ‘वन यूनिवर्सिटी-वन रिसर्च’ अभियान शुरू किया गया। कुलपति चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए इंटरैक्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था भी शुरू की गई।
एआई और तकनीक को बनाया मिशन
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में लोक भवन में स्मार्ट ऑटोमेशन सिस्टम और ई-ऑफिस जैसी व्यवस्थाएं विकसित की गईं। महिलाओं को कानूनी, करियर और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए ‘गार्गी नारी शक्ति एआई चैटबॉट’ की शुरुआत की गई। वहीं उत्तराखंड एआई मिशन-2025 और ‘एआई फॉर ऑल’ जैसी पहलों के जरिये विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।
13 जिलों में प्रतिभाओं को तलाशने की पहल
ऑपरेशन साथी और आरोही इन्क्यूबेटर के माध्यम से प्रदेश के 13 जिलों में प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें मार्गदर्शन देने का काम किया जा रहा है। राज्यपाल ने पांच वर्षों में सभी जिलों का दौरा किया। साथ ही 51 वाइब्रेंट विलेज में से 30 गांवों का दौरा कर स्थानीय लोगों से संवाद किया।
महिला और बालिका सशक्तीकरण पर फोकस
महिला सशक्तीकरण और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लोक भवन परिसर में बालिका आत्मरक्षा एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया गया। इसका उद्देश्य बालिकाओं को तकनीकी ज्ञान के साथ आत्मरक्षा के लिए भी सक्षम बनाना है।
स्वास्थ्य, वेलनेस और जैविक खेती को बढ़ावा
स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोक भवन में टीबी, मानसिक स्वास्थ्य और ब्रेस्ट कैंसर जैसे विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए आरोग्यधाम की स्थापना की गई, जहां पंचकर्म और फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। जैविक कृषि को भी राज्यपाल की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया।
पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
पर्यावरण संरक्षण के लिए लोक भवन परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की गई, जिससे करीब 200 किलोलीटर पानी का संरक्षण हुआ। नक्षत्र वाटिका में 27 नक्षत्रों से संबंधित 27 पौधे लगाए गए। इसके साथ ही बोनसाई गार्डन का भी विस्तार किया गया।
पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान की व्यवस्था
पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याओं के समाधान के लिए लोक भवन में शिकायत निवारण अधिकारी की व्यवस्था की गई है। वहीं जनता मिलन कार्यक्रमों के माध्यम से राज्यपाल ने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए।
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