- फोकस रहेगा कल के बाजार नेताओं की पहचान पर
- 21 मई 2026 से खुलेगा एनएफओ; संचालन शुरू होने के सिर्फ 10 महीनों में द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड ने यह 10वां फंड लॉन्च किया है
नई दिल्ली : द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड, जो पैंटोमैथ ग्रुप का हिस्सा है, ने अपने नए ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम द वेल्थ कंपनी लार्ज एंड मिड कैप फंड के लॉन्च की घोषणा की है। यह फंड लार्ज कैप और मिड कैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करेगा। इस न्यू फंड ऑफर, यानी एनएफओ, की शुरुआत 21 मई 2026 से होगी और यह 4 जून 2026 तक खुला रहेगा।
यह योजना मुख्य रूप से बड़ी और मझोली कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से जुड़े साधनों में निवेश कर लंबी अवधि में पूंजी वृद्धि का अवसर देने पर केंद्रित है। फंड में कम से कम 35% निवेश लार्ज कैप कंपनियों में और 35% निवेश मिड कैप कंपनियों में किया जाएगा। इससे निवेशकों को एक ओर स्थापित कंपनियों की स्थिरता और दूसरी ओर तेजी से बढ़ती कंपनियों की विकास क्षमता का लाभ मिल सकेगा।
यह लॉन्च द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड के लिए खास माना जा रहा है, क्योंकि संचालन शुरू होने के केवल 10 महीनों के भीतर कंपनी यह अपना 10वां फंड लेकर आई है। यह एसेट मैनेजमेंट कंपनी के तेज विस्तार और अलग पहचान वाली निवेश सेवाएं विकसित करने की रणनीति को दर्शाता है।
फंड की निवेश रणनीति बॉटम-अप स्टॉक चयन और टॉप-डाउन स्ट्रक्चरल ट्रेंड एनालिसिस के मिश्रण पर आधारित होगी। कंपनी के अनुसार, इसमें प्राइवेट इक्विटी स्टाइल रिसर्च फ्रेमवर्क का उपयोग किया जाएगा, जिसके जरिए मजबूत प्रबंधन, बेहतर गवर्नेंस, लगातार प्रदर्शन और लंबी अवधि की विकास क्षमता वाली कंपनियों की पहचान की जाएगी।
इस लॉन्च पर प्रतिक्रिया देते हुए द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड की फाउंडर, एमडी और सीईओ मधु लुनावत ने कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है, जहां अलग-अलग क्षेत्रों में नेतृत्व तेजी से बदलता रहेगा। आने वाले समय में सबसे बेहतर अवसर उन कंपनियों में देखने को मिलेंगे, जो टिकाऊ तरीके से विस्तार करने, लगातार बेहतर प्रदर्शन देने और बदलते बाजार दौर के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता रखती हैं। इस फंड के जरिए कंपनी का उद्देश्य निवेशकों को लार्ज कैप कंपनियों की मजबूती और मिड कैप कंपनियों की ग्रोथ संभावनाओं का संतुलित लाभ देना है।”
फंड का निवेश ढांचा कंपनी की स्वामित्व वाली C.H.A.N.G.E फिलॉसफी पर आधारित है, जिसके तहत कंपनियों का मूल्यांकन प्रबंधन क्षमता, आकर्षक वैल्यूएशन, गवर्नेंस मानकों, आय वृद्धि और बेहतर निष्पादन जैसे पहलुओं पर किया जाएगा। पोर्टफोलियो निर्माण की रणनीति को सेक्टर और बाजार से जुड़ी सीमाओं से अलग रखा गया है, ताकि फंड मैनेजमेंट टीम बदलते आर्थिक और कारोबारी रुझानों के बीच उभरते निवेश अवसरों का लचीले तरीके से लाभ उठा सके।
द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड की सीआईओ-इक्विटी अपर्णा शंकर ने निवेश रणनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कंपनी का प्रयास ऐसे व्यवसायों का मजबूत पोर्टफोलियो तैयार करना है, जो लंबे समय तक स्थिर विकास देने की क्षमता रखते हों। लार्ज और मिड कैप श्रेणी निवेशकों को स्थापित कंपनियों के साथ उन उभरती कंपनियों में निवेश का अवसर देती है, जो भविष्य में अपने क्षेत्र की अग्रणी कंपनियां बन सकती हैं। बदलते बाजार दौर में बेहतर निवेश अवसरों की पहचान और जोखिम प्रबंधन के लिए गहन रिसर्च, मजबूत पोर्टफोलियो रणनीति और सक्रिय फंड प्रबंधन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। यह योजना निफ्टी लार्ज मिडकैप 250 टीआरआई के मुकाबले प्रदर्शन करेगी।




