उत्तराखंड

चारधाम यात्रा के दौरान एलपीजी आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार सतर्क, कालाबाजारी रोकने को बढ़ी निगरानी

चारधाम यात्रा को देखते हुए उत्तराखंड में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। सोमवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता में आईओसीएल-उत्तराखंड के राज्य स्तरीय समन्वयक और डिविजनल रिटेल सेल्स हेड श्री कृष्ण कुमार गुप्ता ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों के बावजूद उत्तराखंड में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र को अतिरिक्त एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की मांग भेजी है। उत्तराखंड में घरेलू एलपीजी की औसत आपूर्ति करीब 18 लाख सिलेंडर प्रति माह है। मार्च में जहां प्रतिदिन लगभग 65 हजार सिलेंडर वितरित किए जा रहे थे, वहीं वर्तमान में यह घटकर 56 हजार प्रतिदिन रह गया है। गैर-घरेलू एलपीजी की आपूर्ति भी पहले की तुलना में कम हुई है, लेकिन अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, होटल-ढाबों और औद्योगिक इकाइयों को प्राथमिकता दी जा रही है।

आईओसीएल के अनुसार, राज्य में एलपीजी की कमी नहीं है, लेकिन उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में अधिक रिफिल बुकिंग किए जाने से लगभग 6.97 दिनों का बैकलॉग बन गया है। शहरी क्षेत्रों में सिलेंडर डिलीवरी का समय करीब 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 45 दिन बताया गया है। फिलहाल लगभग 85 प्रतिशत एलपीजी बुकिंग ऑनलाइन हो रही हैं और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आधारित डिलीवरी फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

राज्य में 5 अप्रैल को 34,448 एलपीजी बुकिंग दर्ज की गईं, जबकि 29 मार्च से 4 अप्रैल तक कुल 2.95 लाख से अधिक बुकिंग हुईं। इसी अवधि में 2.50 लाख से अधिक एलपीजी डिलीवरी की गई। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत प्रतिदिन लगभग 5 हजार सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।

पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति सामान्य बताई गई है। पूरे राज्य में कुल 978 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोल में 2 प्रतिशत और डीजल में 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारियों के अनुसार राज्य में पेट्रोल का औसत स्टॉक 60 हजार किलोलीटर और डीजल का 75 हजार किलोलीटर है।

सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में भी राज्य में 5 सीजीडी कंपनियां कार्य कर रही हैं। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधम सिंह नगर में घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति सामान्य है। मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख गैस कनेक्शन स्थापित किए गए हैं और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण हुए हैं।

जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यभर में लगातार निगरानी की जा रही है। अब तक 5,681 निरीक्षण और 301 छापे मारे जा चुके हैं। इन कार्रवाइयों में 16 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 लोगों की गिरफ्तारी हुई और 16 नोटिस जारी किए गए।

श्री कृष्ण कुमार गुप्ता ने लोगों से अपील की कि वे घबराकर खरीदारी न करें, केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें। राज्य सरकार ने सहायता के लिए 112 और 1070 टोल-फ्री नंबर भी जारी किए हैं।

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