देहरादून। तेजस्विनी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर हरिद्वार रोड स्तिथ मॉल ऑफ़ देहरादून में लोहड़ी पर्व के अवसर पर एक भव्य, सांस्कृतिक एवं पारंपरिक आयोजन का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पंजाबी संस्कृति, आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना रहा। आयोजन में शहरवासियों की भारी उपस्थिति देखने को मिली।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर सौरभ थपलियाल रहे। उनके साथ विशेष अतिथि के रूप में राज्य मंत्री गीता खन्ना, राज्य मंत्री दीप्ति भारद्वाज, राज्य मंत्री विश्वास द्वार एवं पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।
आयोजन के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक समूहों द्वारा भांगड़ा, गिद्धा एवं लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं, जिन पर दर्शक देर तक तालियां बजाते नजर आए। लोहड़ी के पारंपरिक गीतों और उत्सव के रंग ने पूरे मॉल परिसर को उल्लासमय वातावरण से भर दिया।
कार्यक्रम की आयोजिका प्रिया गुलाटी ने मंच से लोहड़ी पर्व के ऐतिहासिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोहड़ी नई शुरुआत, सकारात्मक ऊर्जा और समाज में आपसी प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। इस अवसर पर पंजाबी महासभा ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने तेजस्विनी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने लोहड़ी की अग्नि के चारों ओर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ खुशियां मनाईं। कुल मिलाकर, देहरादून में आयोजित यह लोहड़ी सेलिब्रेशन सांस्कृतिक सौहार्द, परंपरा और सामाजिक एकता का यादगार उदाहरण बनकर सामने आया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर सौरभ थपलियाल रहे। उनके साथ विशेष अतिथि के रूप में राज्य मंत्री गीता खन्ना, राज्य मंत्री दीप्ति भारद्वाज, राज्य मंत्री विश्वास द्वार एवं पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।
आयोजन के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक समूहों द्वारा भांगड़ा, गिद्धा एवं लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं, जिन पर दर्शक देर तक तालियां बजाते नजर आए। लोहड़ी के पारंपरिक गीतों और उत्सव के रंग ने पूरे मॉल परिसर को उल्लासमय वातावरण से भर दिया।
कार्यक्रम की आयोजिका प्रिया गुलाटी ने मंच से लोहड़ी पर्व के ऐतिहासिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोहड़ी नई शुरुआत, सकारात्मक ऊर्जा और समाज में आपसी प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। इस अवसर पर पंजाबी महासभा ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने तेजस्विनी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने लोहड़ी की अग्नि के चारों ओर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ खुशियां मनाईं। कुल मिलाकर, देहरादून में आयोजित यह लोहड़ी सेलिब्रेशन सांस्कृतिक सौहार्द, परंपरा और सामाजिक एकता का यादगार उदाहरण बनकर सामने आया।




