उत्तराखंड

उत्तराखंड भाजपा की नई टीम की पहली कोर कमेटी बैठक 25 सितंबर को, राज्यसभा प्रत्याशी पर होगा मंथन

उत्तराखंड भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी राम माधव और सह प्रभारी अरविंद मेनन व बांसुरी स्वराज 25 सितंबर को देहरादून पहुंचेंगे। तीनों नेता प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में शामिल होंगे। प्रदेश संगठन की ओर से उन्हें बैठक की सूचना दे दी गई है। नई टीम के लिए यह प्रदेश नेतृत्व के साथ पहली महत्वपूर्ण बैठक होगी।
राज्यसभा प्रत्याशी के नाम पर होगा मंथन
उत्तराखंड में 25 नवंबर को राज्यसभा की एक सीट रिक्त होने जा रही है। निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद भाजपा ने प्रत्याशी चयन को लेकर मंथन तेज कर दिया है। 25 सितंबर को होने वाली कोर कमेटी की बैठक में राज्यसभा प्रत्याशी के लिए तीन नामों का पैनल तैयार कर राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजे जाने की संभावना है।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार उत्तराखंड की इस राज्यसभा सीट के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा। नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी और छह अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे।
नई टीम का होगा स्वागत
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि प्रदेश प्रभारी राम माधव और दोनों सह प्रभारियों को कोर कमेटी की बैठक की जानकारी दे दी गई है। तीनों नेता बैठक में शामिल होंगे। पार्टी की ओर से नवनियुक्त प्रभारी और सह प्रभारियों के स्वागत की तैयारियां भी की जा रही हैं।
राम माधव को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी
भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड के लिए राम माधव को प्रदेश प्रभारी बनाया है। उनके साथ अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
राम माधव भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहे हैं। वर्ष 2014 के बाद उन्होंने भाजपा के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। पूर्वोत्तर राज्यों में संगठन विस्तार और जम्मू-कश्मीर में भाजपा-पीडीपी गठबंधन के दौर में भी उनकी भूमिका रही है।
अरविंद मेनन संगठन में लंबे समय से सक्रिय
अरविंद मेनन भाजपा के वरिष्ठ संगठनकर्ता हैं। वह आरएसएस प्रचारक के तौर पर सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हुए। वर्ष 2011 से 2016 तक मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री रहे। इसके बाद उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया और पश्चिम बंगाल में सह प्रभारी की जिम्मेदारी भी दी गई।
बांसुरी स्वराज पहली बार उत्तराखंड की जिम्मेदारी संभालेंगी
बांसुरी स्वराज सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता और नई दिल्ली लोकसभा सीट से भाजपा सांसद हैं। वह पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और वरिष्ठ अधिवक्ता स्वराज कौशल की बेटी हैं। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से साहित्य और लंदन के इनर टेंपल से कानून की पढ़ाई की है। 2024 के लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से जीत दर्ज कर वह पहली बार लोकसभा पहुंचीं। इससे पहले वह दिल्ली भाजपा के कानूनी प्रकोष्ठ से भी जुड़ी रही हैं।

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