शहर को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए शनिवार को नगर निगम की ओर से परेड ग्राउंड में स्वच्छता रैली और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। रैली में चलते-फिरते कूड़ेदान आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं, उत्तराखंड की लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियों के जरिये लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ भी किया। कार्यक्रम में गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी लोकगीतों व नृत्यों के माध्यम से शहरवासियों को सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी न फैलाने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया गया।
लोक कलाकारों ने पारंपरिक प्रस्तुतियों के जरिए लोगों को बताया कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ प्राकृतिक परिवेश को स्वच्छ रखना भी जरूरी है। रैली के माध्यम से नागरिकों से कूड़ा इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित स्थानों पर डालने की अपील की गई।
गीले और सूखे कचरे को अलग रखने की अपील
नगर निगम की ओर से लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, कचरा संग्रहण वाहनों में ही कूड़ा डालने और प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोक संस्कृति को जनजागरूकता का माध्यम बनाकर स्वच्छता अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना रहा।
नगर निगम ने संदेश दिया कि शहर को साफ-सुथरा बनाए रखना केवल निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। लोगों से स्वच्छता को अपनी दिनचर्या में शामिल करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया गया।




