बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को बर्फबारी हुई। वहीं देहरादून, हरिद्वार समेत प्रदेशभर में कई जगह बारिश हुई, जिससे एक बार फिर ठंड लौट आई है।
रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए हुए थे। सुबह बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। वहीं केदारनाथ धाम में भी अच्छी बर्फबारी हुई। कड़ाके की ठंड और विषम परिस्थितियों के बावजूद यहां पुलिस और आईटीबीपी के जवान मुस्तैदी से डटे हुए हैं।
धाम में तापमान शून्य से नीचे जा रहा है। जबकि निचले इलाकों में बारिश ने फिर ठंड बढ़ा दी। उधर, वहीं कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे काश्तकारों ने भी राहत की सांस ली। ज्योतिर्मठ, गोपेश्वर, पीपलकोटी, चमोली, पोखरी सहित अन्य क्षेत्रों में बारिश होने से हल्की ठंड भी शुरू हो गई है।
इसके अलावा देहरादून समेत हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत जिले के कुछ हिस्सों में तेज हवा चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं बिजली चमकने और तेज दौर की बारिश होने की भी संभावना है और ओलावृष्टि का भी अनुमान जताया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले चार-पांच दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।
बारिश से बुझी जंगल की आग
बारिश जंगलों के लिए भी राहत लेकर आई। रविवार को हुई बारिश से प्रदेशभर में करीब 23 जगह जंगलों की आग बुझ गई है। सर्दियों में बारिश, बर्फबारी पर्याप्त न होने से जंगल शुष्क बने हुए थे। नवंबर से ही वनाग्नि की घटनाएं सामने आने लगी थीं। 15 फरवरी से फायर सीजन शुरू हुआ, इसके बाद से वनाग्नि के मामले बढ़े हैं। तब से जंगल की आग की 84 घटनाएं रिपोर्ट हो चुकी हैं। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि नियंत्रण सुशांत पटनायक ने बताया कि 23 जगह पर फायर अलर्ट थे, बारिश होने से अब किसी भी स्थान पर सक्रिय आग की सूचना नहीं है। बरसात से जंगलों में नमी बढ़ेगी, जिससे आने वाले समय में भी राहत रहेगी।
सुधरी दून की आबोहवा
दून घाटी में रविवार को हुई हल्की से मध्यम बारिश के बाद शहर की आबोहवा भी साफ हो गई। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों ने राहत की सांस ली। पिछले कुछ दिनों से बढ़ती गर्मी और उमस से लोग परेशान थे, लेकिन बारिश के बाद ठंडी हवाओं ने मौसम को खुशनुमा बना दिया और एक्यूआई भी 100 के नीचे आ गया। रविवार को दून का एक्यूआई 87 दर्ज किया गया, जबकि इससे पहले यह आंकड़ा 100 के आसपास रहा।




