मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर मेरठ तक संचालित रैपिड रेल का विस्तार ऋषिकेश तक करने का आग्रह किया। उन्होंने टिहरी झील में सी-प्लेन सेवा शुरू करने और दिल्ली-हल्द्वानी एक्सप्रेस-वे के निर्माण समेत कई मांगें रखीं। साथ ही सहयोग व मार्गदर्शन के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त कर उन्हें उत्तराखंड आने का निमंत्रण दिया।
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें मां सुरकंडा देवी की रेप्लिका, बद्री गाय का घी, राज्य के अलग-अलग जिलों से उत्पादित पांच प्रकार का राजमा और शहद भेंट किया। सीएम ने हरिद्वार कुंभ के लिए 500 करोड़ रुपये की सहायता, नदी जोड़ो परियोजना के तहत राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण के माध्यम से फिजिबिलिटी स्टडी, राजाजी नेशनल पार्क स्थित चौरासी कुटिया के विकास के लिए 100 करोड़ की स्वीकृति, पिथौरागढ़ की नैनी-सैनी हवाई पट्टी के लिए एमओयू, चारधाम यात्रा के लिए सुरक्षित हेली सेवाओं के संचालन, ऋषिकेश में विद्युत लाइनों को भूमिगत करने की योजना, चंपावत बाईपास, देहरादून रिंग रोड व देहरादून-मसूरी रोड परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में विकास का इंजन आगे बढ़ रहा है। धामी ने उत्तराखंड दौरे के दौरान पीएम की ओर से दिए गए सुझावों और मार्गदर्शन पर राज्य सरकार की कार्यवाही के बारे में जानकारी दी। कहा, उत्तराखंड को वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए चोपता, दुग्गलबिट्ठा, पटवाडांगर और शारदा कॉरिडोर क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है, जबकि रामनगर, देहरादून, ऋषिकेश और त्रियुगीनारायण पहले से लोकप्रिय वेडिंग डेस्टिनेशन बन चुके हैं। राज्य में वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए नीति तैयार की जा रही है।
नई परियोजनाओं को स्वीकृति देने का आग्रह
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि दिल्ली से मेरठ तक संचालित रैपिड रेल का विस्तार हरिद्वार से होते हुए ऋषिकेश तक किया जाए। राज्य में रक्षा उपकरण निर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए नीति समर्थन व प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कोटद्वार, हरिद्वार व देहरादून में रक्षा उपकरण उत्पादन औद्योगिक हब की स्थापना व रायवाला क्षेत्र में बीआई-डक ब्रिज के विकास, उत्तरकाशी जिले में स्थित चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी के विस्तार का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत ऋषिकेश से व्यासी खंड के शीघ्र लोकार्पण, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन में रोड-कम-रेल टनल निर्माण, बागेश्वर-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन के सर्वे व हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन को डबल ट्रेक बनाने का अनुरोध किया। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तरकाशी क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा।




