उत्तराखंड

Uttarakhand Budget: महिला सशक्तीकरण के लिए जेंडर बजट बढ़ने की उम्मीद, योजनाओं को मिलेगा बढ़ावा

प्रदेश की आधी आबादी के सशक्तीकरण के लिए इस बार जेंडर बजट में बढ़ोतरी की उम्मीद है। जेंडर बजट का आकार बढ़ने से महिलाओं की आजीविका बढ़ाने व सामाजिक आर्थिक विकास से संबंधित योजनाओं को बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेश सरकार महिला केंद्रित योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2007-08 से हर साल वार्षिक बजट में जेंडर बजट का प्रावधान कर रही है। इस बजट को महिलाओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने, स्वरोजगार, सामाजिक-आर्थिक विकास के कार्यों पर खर्च किया जाता है। प्रदेश के सालाना बजट में हर साल महिला सशक्तीकरण के लिए जेंडर बजट का हिस्सा बढ़ा है। इस बार भी 20 प्रतिशत बजट की उम्मीद है।

हर साल बढ़ा जेंडर बजट

उत्तराखंड में 2021-22 में कुल बजट का लगभग 12 प्रतिशत जेंडर बजट था, जो 2022-23 में 13.77 प्रतिशत किया गया। इसके बाद 2023-24 में जेंडर बजट 14 प्रतिशत के आसपास रहा। जबकि 2024-25 में 16 प्रतिशत आवंटित हुआ। 2025-26 में कुल 1,01,175 करोड़ के बजट में जेंडर बजट का हिस्सा करीब 17 प्रतिशत था। बता दें कि प्रदेश सरकार का महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, उद्यमिता विकास, स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग व ब्रांडिंग पर फोकस है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने आगामी बजट का 30 प्रतिशत हिस्सा महिला सशक्तीकरण के लिए करने की पैरवी कर चुकी हैं।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button