देहरादून : Doon Sanskriti द्वारा होटल ग्रैंड लीगेसी प्राइम, जीएमएस रोड देहरादून में 13वां वार्षिकोत्सव एवं महिला सम्मान समारोह बड़े ही गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं एवं व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति राजेश टंडन, विशिष्ट अतिथि दीप्ति रावत, सुनील अग्रवाल एवं इंद्रेश गोयल उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत दून संस्कृति की डायरेक्टर रमा गोयल एवं अध्यक्ष कल्पना अग्रवाल द्वारा पौधा एवं पटका भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम में गीता गोयल ने सुंदर गणेश वंदना की प्रस्तुति देकर सांस्कृतिक वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके उपरांत सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें इंद्राणी, ममता नगर, ऋतु मित्रा, सुमन सिंह, सोनल जैन, पूनम शर्मा, रीना जग्गी, दिव्य नेगी, रमा चोपड़ा, अवधेश, मोहन एवं मंजू श्रीवास्तव को उनके उत्कृष्ट सामाजिक एवं व्यावसायिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सभी सम्मानित व्यक्तियों को पौधा एवं पटका पहनाकर सम्मान प्रदान किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति राजेश टंडन ने अपने संबोधन में कहा कि “समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे मंच महिलाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें नई पहचान और अवसर प्रदान करते हैं। दून संस्कृति द्वारा किया जा रहा यह प्रयास सराहनीय है और समाज के लिए प्रेरणादायक है।
दून संस्कृति की अध्यक्ष कल्पना अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि “दून संस्कृति का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहां वे अपनी प्रतिभा और कार्यों को पहचान दिला सकें। हम आगे भी समाज के उत्थान और महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। दून संस्कृति की संस्थापक अध्यक्ष रमा गोयल जी ने अपने संबोधन में कहा कि “दून संस्कृति एक परिवार की तरह है, जहां हर महिला को आगे बढ़ने और अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलता है। हमारा उद्देश्य है कि हम समाज के हर वर्ग तक पहुंचें और विशेष रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें। यह सम्मान समारोह उन सभी के लिए समर्पित है जो अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी सम्मानित सदस्यों ने दून संस्कृति का आभार व्यक्त किया और इस पहल को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।




