Dehradunउत्तराखंड

शंकर आश्रम बना आशा की किरण

माघी पूर्णिमा के अवसर पर 22 परिवारों के घर पहुंचा नि:शुल्क राशन
मसूरी (देहरादून) । आर्यम इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा संचालित भगवान शंकर आश्रम की मां अन्नपूर्णा भंडारा कार्ड योजना के अन्तर्गत माघी पूर्णिमा को क्षेत्र के अतिनिर्धन और वंचित 22 परिवारों को एक माह का निःशुल्क राशन वितरित किया गया। परमप्रज्ञ जगद्गुरु प्रोफ्रेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्यम जी महाराज के सानिध्य में संचालित कोरोना काल में शुरू हुई यह योजना आज मसूरी में जरूरतमंदों की आशा की किरण है।

माघी पूर्णिमा हिंदू परम्परा का महत्वपूर्ण उत्स है। गुरुदेव आर्यम का कथन है कि हमारे वैदिक ग्रंथों के अनुसार माघी पूर्णिमा व्रत, दान एवं तप का उत्सव है। कथा आती है कि इस दिन पर देवतागण पृथ्वीलोक पर अवतरित हो पवित्र नदियों में स्नान के लिए आते हैं। यही कारण है कि इस अवसर पर किया गया पुण्य कर्म, जैसा कि आर्यम गुरुदेव बताते हैं, ब्रह्मांड में आपके शुभत्व और हित के लिए अंकित हो जाता है।

जब हम दूसरों के साथ अपने जरूरत की चीजे साझा करते हैं, विशेष रूप से वह भोजन जो जीवन का आधार है, तो हम करुणा की एक शाश्वत परंपरा में भाग लेते हैं। श्री गुरुदेव आर्यम बताते हैं कि अन्न दान देने वाले और लेने वाले दोनों को रूपांतरित करती है और विकसित समाज का निर्माण करती है। जब किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा जरूरतमंदों को राशन पहुंचाया जाता है, तब यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी परिवार भूख या अभाव के कारण सम्मानजनक जीवन से वंचित न रहे।

भंडारा कार्ड धारक व्यक्तियों को दी जाने वाली सामग्री में सभी वस्तुओं की गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाता है। इन वस्तुओं में 15 किलो गेहूं का आटा, 10 किलो चावल, दो किलो काला चना, दो लीटर सरसों का तेल आदि प्रदान किया जाता है। अति निर्बल, बीमार और आने में असमर्थ परिवारों को राशन उनके घरों पर भी पहुंचाया जाता है। बच्चों द्वारा त्याग दिए गए वृद्ध व्यक्तियों, निराश्रित विधवाओं, बेसहारों के अपंग, बीमार और अत्यंत निर्धन व्यक्तियों के लिए यह भंडारा कार्ड योजना आश्रम की तरफ से संचालित है जिसे शीघ्र ही अन्य अनेक स्थानों तक विस्तारित किया जाएगा।

आज के इस वितरण कार्यक्रम में हरीश त्यागी, सोमलता दलाल, अजय त्यागी, प्रीतेश आर्यम, संतोष, सतीश, अरविंद शर्मा, अंजलि सोनकर, रुचि , रीना चौहान, कविता मलिक, रेणु सचदेवा, इंदिराबेन मिश्रा आदि का सहयोग रहा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button