देहरादून। प्रदेश सरकार ने राजकीय कर्मचारियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत राज्यभर में जर्जर हो चुके सरकारी आवासों की पहचान कर उनके पुनर्निर्माण और मरम्मत की योजना पर तेजी से काम शुरू किया गया है।
राज्य संपत्ति विभाग के अनुसार लंबे समय से कई सरकारी आवास खराब स्थिति में हैं, जिससे कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब ऐसे भवनों का सर्वे कराया जाएगा और उनकी स्थिति के आधार पर या तो मरम्मत की जाएगी या फिर नए आधुनिक आवास बनाए जाएंगे।<br/>सरकार की योजना है कि जहां विभागीय भूमि उपलब्ध है, वहां नए आवासीय परिसरों का निर्माण किया जाए।
इन आवासों में आधुनिक सुविधाएं होंगी, जिससे कर्मचारियों को सुरक्षित और कार्यस्थल के नजदीक रहने की सुविधा मिल सके। इससे उनके कार्य परिवेश और दक्षता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
रेसकोर्स में नए आवासों का प्रस्ताव
राज्य संपत्ति विभाग नियंत्रणाधीन दून के ओल्ड आफिसर्स कालोनी, रेसकोर्स क्षेत्र में नए आवासों के निर्माण की योजना बनाई गई है। यहां जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद खाली हुई भूमि पर श्रेणी-2 के 31 नए आवास बनाने का प्रस्ताव समिति के समक्ष रखा गया।
इसके अलावा अन्य भूमि पर श्रेणी-4 के 10 आवासों के निर्माण की योजना भी प्रस्तुत की गई। श्रेणी-2 के 31 आवासों पर लगभग 1458.56 लाख रुपये और श्रेणी-4 के 10 आवासों के लिए लगभग 743.95 लाख रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है।
बोले सचिव-
राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डा आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर कर्मचारियों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। जर्जर आवासों की पहचान कर उनकी मरम्मत और पुनर्निर्माण किया जाएगा, वहीं उपलब्ध भूमि पर नए आधुनिक आवास भी बनाए जाएंगे।




