तिब्बती मार्केट के बाहर बुधवार को हुई कारोबारी की हत्या का अगले ही दिन पुलिस ने खुलासा कर दिया। मां बीना शर्मा ने अपने साथी विनोद उनियाल डॉ. अजय खन्ना के साथ मिलकर अर्जुन शर्मा की हत्या की सुपारी दी थी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पुलिस ने हत्यारोपी राजीव और उसके साथी पंकज को मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि प्रॉपर्टी विवाद ही हत्या की असल वजह निकलकर सामने आई है। घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि डॉ. अजय खन्ना की अर्जुन शर्मा की मां बीना शर्मा से जीएमएस रोड स्थित उनकी संपत्ति को खरीदने की 14 करोड़ रुपये में डील हुई थी। इसके आठ करोड़ उसने बीना शर्मा को दे दिए थे। अर्जुन इससे बेहद खफा था। वह प्रॉपर्टी में अपना आधा हिस्सा चाहता था। इस पर उसका मां से काफी विवाद हुआ था।
इसके बाद अर्जुन ने मां की ओर से बेची गई प्रापर्टी पर न्यायालय से स्टे ले लिया। उधर, आठ करोड़ की रकम देने के बाद भी प्रापर्टी पर कब्जा न पाने के कारण डॉ. खन्ना काफी परेशान चल रहा था। वह लगातार बीना शर्मा पर अपनी रकम वापस देने का दबाव बना रहा था। इसे लेकर मां-बेटे में अक्सर झगड़ा होता रहता था।
इसे आधार बनाकर अर्जुन की मां ने अपने बेटे से खुद को असुरक्षित बताते हुए उच्च न्यायालय से सुरक्षा प्राप्त की थी। एसएसपी ने बताया कि अर्जुन शर्मा के स्टे लेने से प्राॅपर्टी पर मालिकाना हक नहीं मिला। इसी से परेशान होकर मां बीना शर्मा, डॉ.अजय खन्ना और विनोद उनियाल ने अर्जुन शर्मा को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली।
अर्जुन को गोली मारने के आरोपी राजीव का भाई पंकज आरोपी विनोद उनियाल का ड्राइवर है। एसएसपी ने बताया कि पंकज ने 12 लाख रुपये में अर्जुन की हत्या की सुपारी ली थी। इसमें से तीन लाख रुपये दोनों आरोपियों को एडवांस मिल गए थे। बाकी की रकम काम होने के बाद मिलनी थी। दोनों ने पूछताछ में रुपयों के लालच में अर्जुन शर्मा की हत्या करने की बात कबूल की है। राजीव ने अर्जुन के सीने से सटाकर देसी तमंचे से गोली मारी थी। दोनों मूल रूप से ग्राम देवीखाल, पोस्ट गुमखाल, कोटद्वार जिला पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले हैं और फिलहाल इंदिरा कॉलोनी चुक्खूवाला में रह रहे थे।
सरेबाजार हुई हत्या को पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया था। अर्जुन को गोली मारने वाले आरोपियों को पुलिस ने 24 घंटे के अंदर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। त्वरित गति से जांच करते हुए मामले का 36 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया गया है। सभी अभियुक्तों से गहन पूछताछ और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
– अजय सिंह, एसएसपी




