दीपावली से पहले धामी सरकार ने प्रदेश के राज्य कर्मचारियों को बोनस की सौगात दी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कार्मिकों को 30 दिन के वेतन के बराबर तदर्थ बोनस देने की मंजूरी दी गई है। इसकी अधिकतम सीमा 7000 रुपये तय की गई है। बोनस की धनराशि कर्मचारियों को नकद दी जाएगी।
सचिव वित्त डॉ. वी. षणमुगम की ओर से सोमवार को इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया। इसके अनुसार समूह ग और समूह घ के कर्मचारियों के साथ ही समूह ख के उन अराजपत्रित कार्मिकों को भी बोनस मिलेगा, जिनका ग्रेड वेतन 4800 रुपये (संशोधित वेतनमान में लेवल-8) तक है। हालांकि, उत्पादकता आधारित बोनस योजना के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
सरकार के इस निर्णय का लाभ विभिन्न विभागों के पात्र कर्मचारियों के अलावा सहायता प्राप्त शिक्षण एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कार्मिकों को भी मिलेगा। बोनस के लिए कर्मचारी का 31 मार्च 2026 को सेवा में होना अनिवार्य है। आकस्मिक और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी निर्धारित शर्तों के तहत इसका लाभ दिया जाएगा।
वहीं, लाभ की स्थिति में चल रहे स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों के कर्मचारियों को भी बोनस दिया जा सकेगा। हालांकि, इसका भुगतान संबंधित निकाय या प्राधिकरण को अपने संसाधनों से करना होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार कार्मिकों के हितों और कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। तदर्थ बोनस मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों की दीपावली की खुशियां बढ़ेंगी।




