देहरादून। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सोमवार से एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी-2026 का आगाज हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में 14 एशियाई देशों के खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। आयोजन 17 से 20 अगस्त तक चलेगा।
मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे देश-विदेश के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत किया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी उत्तराखंड की पहचान
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। ऐसे आयोजनों से प्रदेश की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी और उत्तराखंड को शीतकालीन एवं आइस स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल गंतव्य के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि खेल दुनिया को जोड़ने का माध्यम हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं विभिन्न देशों के बीच मित्रता, सद्भाव और खेल भावना को मजबूत करती हैं। खिलाड़ियों से उन्होंने खेल भावना, अनुशासन, समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का आह्वान किया।
खेलों के लिए बदला माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को लेकर सोच और वातावरण में व्यापक बदलाव आया है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों से देश में खेल संस्कृति को मजबूती मिली है। भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। पिछले वर्ष प्रदेश में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन हुआ, जिससे आधुनिक एवं विश्वस्तरीय खेल अवस्थापना तैयार करने की दिशा में मजबूत आधार मिला है।
आठ शहरों में बनेंगी 23 खेल अकादमियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान के तहत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। यहां खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हल्द्वानी में प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी तेजी से काम चल रहा है, जबकि लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा कि नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर दिए जा रहे हैं। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खेल छात्रवृत्ति के साथ आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में निशुल्क शिक्षा और प्रशिक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
विंटर और आइस स्पोर्ट्स को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक खेलों के साथ-साथ वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स, विंटर स्पोर्ट्स और आइस स्पोर्ट्स को भी बढ़ावा दे रही है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के खिलाड़ियों के लिए पसंदीदा खेल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
चार दिवसीय प्रतियोगिता में एशियाई देशों के खिलाड़ियों की मौजूदगी से दून में अंतरराष्ट्रीय खेलों का माहौल देखने को मिल रहा है।




