● उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ ने 12 जून को इस पहल का शुभारंभ किया
● उत्तर प्रदेश के स्टाम्प, न्यायालय शुल्क और पंजीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं विधायक (वाराणसी उत्तर), रवींद्र जायसवाल इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे
● यह पहल काशी चाट भंडार, चाची की प्रसिद्ध कचौरी, लक्ष्मी चाय, पहलवान लस्सी, गामा पान भंडार और पाठक जी ठंडाई वाला सहित 12 प्रसिद्ध भोजनालयों से शहर के प्रतिष्ठित व्यंजनों तक आसान पहुंच प्रदान करती है
● सुंदर ढंग से डिजाइन किए गए पारंपरिक ठेले नमो घाट, अस्सी घाट और दशाश्वमेध घाट जैसे लोकप्रिय घाटों पर तैनात किए जाएंगे
वाराणसी: भारत के अग्रणी ऑन-डिमांड कन्वेनिएंस प्लेटफॉर्म स्विगी (स्विगी लिमिटेड, एनएसई: SWIGGY / बीएस ई: 544285) ने आज भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और वाराणसी नगर निगम के साथ मिलकर “वाराणसी का स्वाद, स्विगी के साथ” नामक एक नई पहल शुरू करने के लिए एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। वाराणसी शहर की समृद्ध खाद्य विरासत का जश्न मनाने के उद्देश्य से तैयार की गई इस पहल का लक्ष्य शहर के लाखों पर्यटकों और निवासियों को यहां के प्रतिष्ठित स्थानीय व्यंजनों तक सुविधाजनक पहुंच प्रदान करना है। इस पहल का आधिकारिक अनावरण मुख्य अतिथि रवींद्र जायसवाल, माननीय स्टाम्प, न्यायालय शुल्क और पंजीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उत्तर प्रदेश तथा विधायक (वाराणसी उत्तर) की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा 12 प्रतिष्ठित स्थानीय खाद्य आउटलेट्स के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इनमें पॉपुलर बाटी चोखा, चाची की प्रसिद्ध कचौरी, लक्ष्मी चाय, पहलवान लस्सी, गामा पान भंडार, काशी चाट भंडार, नीलू कचौरी, टेस्ट किंग, पाठक जी ठंडाई वाला, नेताजी पान भंडार, गौरी शंकर कचौरी वाला
और बनारसी पान मंदिर (लक्सा) शामिल हैं। पर्यटन विभाग द्वारा एक पट्टिका के रूप में एक औपचारिक प्रमाणन सभी सम्मानित आउटलेट प्रतिनिधियों को सौंपा गया, जो विरासत, गौरव और गुणवत्ता के आश्वासन को दर्शाता है।
इस पहल के हिस्से के रूप में, स्विगी ने साझा किया कि वाराणसी शहर के कुछ सबसे लोकप्रिय घाटों, जैसे कि नमो घाट, अस्सी घाट और दशाश्वमेध घाट पर सुंदर ढंग से डिजाइन किए गए पारंपरिक ठेले तैनात किए जाएंगे। घाटों पर आने वाले आगंतुक इन प्रतिष्ठित और प्रसिद्ध स्थानीय भोजनालयों के लोकप्रिय व्यंजनों की एक विस्तृत श्रृंखला का आनंद ले सकेंगे।
इस इनिशिएटिव पर, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार ने कहा, “वाराणसी की खाद्य परंपराएं इसके इतिहास, संस्कृति और यहां के लोगों की रचनात्मकता का प्रतिबिंब हैं। शहर के प्रतिष्ठित व्यंजन, जिन्हें स्थानीय विक्रेताओं और भोजनालयों द्वारा पीढ़ियों से तैयार किया जा रहा है, इसके पर्यटन आकर्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हम स्थानीय विक्रेताओं को एक ऐसा मंच प्रदान करने की स्विगी की इस पहल का स्वागत करते हैं, जिससे वे शहर का दौरा करने वाले पर्यटकों सहित एक बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंच सकें। इस तरह के सहयोग हमारे खाद्य उद्यमियों के लिए स्थायी अवसर पैदा करने के साथ-साथ स्थानीय खाद्य विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
इस इनिशिएटिव पर बोलते हुए, वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट सत्येन्द्र कुमार ने कहा, “काशी को एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल में बदलना हमारे प्रधानमंत्री जी का दृष्टिकोण है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में घोषित ‘एक जिला, एक व्यंजन’ (ओडीओसी) पहल का उद्देश्य वाराणसी की पाक विरासत को भारत के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है, जिसमें शहर के प्रतिष्ठित खाद्य पदार्थों – ‘पान’, ‘मलइयो’, ‘कचौड़ी’ से लेकर ‘लस्सी ठंडाई’ पर ध्यान केंद्रित किया गया है। स्विगी की इस पहल से शहर की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच और अधिक दृश्यता मिलेगी, और बदले में, उनके लिए एक मजबूत पहचान बनाने में मदद मिलेगी।”
आगे जोड़ते हुए, स्विगी फूड मार्केटप्लेस के सीईओ रोहित कपूर ने कहा, “भोजन किसी भी शहर की सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग होता है और हमें पूरा विश्वास है कि यह पहल पवित्र शहर का दौरा करने वाले लाखों पर्यटकों के बीच यहां के स्थानीय और प्रतिष्ठित व्यंजनों को बढ़ावा देने में काफी मददगार साबित होगी। स्विगी सुविधाजनक पहुंच के लिए जाना जाता है, और इस साझेदारी के साथ, हम इस खूबसूरत शहर की पाक विरासत को तलाशने के लिए और अधिक ग्राहकों को जोड़ने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। मैं भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और वाराणसी नगर निगम के प्रति इस विज़न को धरातल पर उतारने में उनके अटूट सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।
स्विगी देश भर में अपने रेस्तरां पार्टनर्स को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध रही है और उनके व्यवसायों के विकास को और सक्षम बनाने के उद्देश्य से लगातार इस तरह की पहल करती रहती है।




