राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने चारधाम यात्रा तैयारियों की समीक्षा बैठक में साइबर अपराध, फर्जी हेली टिकट बुकिंग, ओवर रेटिंग, होटल बुकिंग की धोखाधड़ी रोकने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को नसीहत दी कि यात्रा में वे केवल नौ से पांच की ड्यूटी न मानें, जिम्मेदारी निभाएं।
राज्यपाल ने बृहस्पतिवार को लोक भवन में चारधाम यात्रा की तैयारियों की बैठक ली, जिसमें डीएम, एसएसपी व अन्य विभागीय अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। राज्यपाल ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक उत्तरदायित्व है। इसे पूर्ण समर्पण और संवेदनशीलता के साथ संपादित किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि इस दौरान दी गई जिम्मेदारी को केवल सुबह नौ से शाम पांच बजे तक की ड्यूटी के रूप में नहीं देखना चाहिए। पूर्ण निष्ठा, संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ जिम्मेदारी निभाएं।
राज्यपाल ने साइबर अपराधों, विशेष रूप से फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग, ओवर रेटिंग और होटल बुकिंग धोखाधड़ी आदि के मामलों पर ऐसे लोगों पर निगरानी एवं उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवाओं की कीमतों में अनुचित वृद्धि करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक एवं नकारात्मक सूचनाओं पर नियंत्रण के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने के भी निर्देश दिए
राज्यपाल ने कहा कि चारधाम यात्रा से स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का अवसर मिलता है जिससे स्वयं सहायता समूह, होमस्टे संचालक एवं स्थानीय उद्यमी लाभान्वित होते हैं। इस बात का विशेष ख्याल रखा जाए। यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर देते हुए कहा कि गोल्डन ऑवर के भीतर त्वरित उपचार और रेस्क्यू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं निगरानी पर बल दिया। इस बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई, सचिव शैलेश बगोली, रविनाथ रामन, पंकज पांडे, डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, रणवीर सिंह चौहान, विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल, कौशल किशोर शुक्ल, विनय शंकर पांडेय, आशीष चौहान, रोहित मीणा, राजीव स्वरूप व अन्य अधिकारी शामिल हुए।




