विधानसभा सत्र के चौथे दिन सदन में खनन का मु्ददा गरमाया। सरकार के जवाब से अंसतुष्ट विपक्ष ने सदन से बर्हिगमन किया। शुक्रवार को सदन में कांग्रेस विधायक विरेंद्र कुमार के प्रश्न के जवाब में संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि प्रदेशभर में 4366.376 हेक्टेयर भूमि पर 208 खनन पट्टों की स्वीकृति दी गई। इन पट्टों पर जेसीबी से खनन करने की अनुमति नहीं है। तीन मीटर गहराई तक खनन किया जा सकता है। प्रदेश सरकार की ओर से अवैध खनन रोकने के लिए ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है। जिलास्तर पर डीएम की अध्यक्षता में खनन निरोधक दस्ता गठित किया गया है। बीते तीन वर्षों में खनन से राजस्व बढ़ा है।
वर्ष 2022-23 में 472.32 करोड़, 2023-24 में 645.46 करोड़ व 2024-25 में 1040.57 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। सरकार ने अवैध खनन, परिवहन व भंंडारण पर कार्रवाई की है। 2252 मामलों में 82.12 करोड़ की वसूली की गई। जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष में जनवरी माह तक 1553 मामलों में 39.08 करोड़ की वसूली की है।
कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कहा, भाजपा सांसद त्रिवेंद्र सिंह व विधायक अरविंद पांडे ने प्रदेश में अवैध खनन का मामला उठाया था। सरकार सदन में कह रही अवैध खनन नहीं हो रहा है। विधायक काजी निजामुद्दीन, अनुपमा रावत ने अवैध खनन का मुद्दा रखा। सरकार के जवाब से अंसतुष्ट कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही का बर्हिगमन किया।




